मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों के लिए एयर इंडिया और इंडिगो ने विशेष उड़ानें शुरू कीं

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच मिडिल ईस्ट के देशों में फंसे भारतीयों के लिए राहत की खबर है। एयर इंडिया और इंडिगो एयरलाइंस ने आज से दुबई, अबू धाबी और शारजाह सहित मिडिल ईस्ट के कई प्रमुख शहरों के लिए स्पेशल फ्लाइट्स का संचालन शुरू कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया पश्चिम एशिया से आने-जाने वाली कुल 58 उड़ानें संचालित करेगी। वहीं, इंडिगो ने मिडिल ईस्ट के 8 गंतव्यों के लिए उड़ानें शुरू की हैं। इससे भारतीय नागरिकों और छात्रों के लिए सुरक्षित और तेज़ वापसी का रास्ता खुल गया है।
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की विशेष उड़ानें
भारतीय विमानन मंत्रालय के अनुसार, 9 मार्च को पश्चिम एशिया से भारतीय एयरलाइंस ने कुल 45 उड़ानें संचालित कीं, जिनमें 7,047 यात्री भारत लौटे। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से आने-जाने वाली कुल 36 अनियमित उड़ानें संचालित करेंगी, जो स्लॉट और अन्य परिस्थितियों पर निर्भर होंगी। एयर इंडिया दिल्ली और मुंबई से जेद्दा के लिए एक-एक राउंड-ट्रिप चलाएगी, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस हैदराबाद और कोझिकोड से जेद्दा के लिए उड़ानें संचालित करेगी। यह कदम मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों के लिए राहत और सुविधा सुनिश्चित करता है।

मस्कट और अन्य गंतव्यों के लिए विशेष व्यवस्था
एयर इंडिया एक्सप्रेस मस्कट के लिए अपनी निर्धारित सेवाएं भी संचालित करेगी। इसमें दिल्ली, मुंबई, कन्नूर, तिरुवनंतपुरम और तिरुचिरापल्ली से एक-एक राउंड-ट्रिप शामिल है, जबकि कोच्चि से दो राउंड-ट्रिप उड़ानें होंगी। इसी तरह, इंडिगो ने यूरोप के चुनिंदा देशों और मिडिल ईस्ट के गंतव्यों के लिए उड़ानें शुरू की हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी उड़ानें संबंधित भारतीय और स्थानीय अधिकारियों से आवश्यक अनुमतियों के साथ संचालित की जा रही हैं।
DGCA की निगरानी और वैकल्पिक हवाई अड्डों की सुविधा
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि DGCA ने अतिरिक्त आगमन और प्रस्थान स्लॉट उपलब्ध कराए हैं। दुबई, अबू धाबी, शारजाह, रस-अल-खैमाह, अल-अलन, फुजैरा, जेद्दा और मदीना सहित गंतव्यों के लिए उड़ानों के मार्ग में वैकल्पिक हवाई अड्डे के रूप में मस्कट इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उपयोग की अनुमति दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया में लगातार बदलते हालातों पर नजर रखी जा रही है। विमानन कंपनियां यात्रियों की सुरक्षा और सेवाओं की निरंतरता को प्राथमिकता देते हुए परिचालन कर रही हैं।